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Saturday, 27 June 2015

नवकोपलें जिन्हे दुआओं से सींचा था ,
अब उनकी अदाएं आँखों से नहीं जाती ,
यूं ही झूमकर लहराती रहें उम्र भर ,
ये वो फसलें हैं जो कभी ,काटी नहीं जाती ।
- अनिल कुमार सिंह
जोधपुर से वापसी के समय बच्चों ने ट्रेन से विदा करने का जिम्मा उठाया ,एहसास हुआ कि बच्चे अब बड़े हो गए, .........